नितेश तिवारी की ‘रामायण’: भारतीय सिनेमा का अगला बड़ा धमाका
भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ ऐसी फिल्में होती हैं जिनका इंतजार दर्शकों के साथ-साथ पूरी फिल्म इंडस्ट्री को होता है। निर्देशक नितेश तिवारी की आगामी फिल्म ‘रामायण’ (Ramayana) उन्हीं में से एक है। हाल ही में फिल्म के शुरुआती फुटेज और ट्रेलर को लेकर फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गजों के बीच एक विशेष स्क्रीनिंग या चर्चा हुई है, जिसके बाद बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय सिनेमा के बड़े नामों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सिद्धार्थ आनंद और एटली जैसे सफल निर्देशकों ने फिल्म के विजुअल्स और नितेश तिवारी के विजन की जमकर तारीफ की है।
सिद्धार्थ आनंद और एटली ने दी शानदार प्रतिक्रिया
‘पठान’ और ‘फाइटर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने फिल्म के विजुअल्स को ‘विश्व स्तरीय’ (World-class) बताया है। सूत्रों के अनुसार, आनंद फिल्म की भव्यता और वीएफएक्स (VFX) की गुणवत्ता से काफी प्रभावित दिखे। वहीं, ‘जवान’ के निर्देशक एटली, जो अपनी मास-अपील फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने नितेश तिवारी के निर्देशन और फिल्म की इमोशनल गहराई की सराहना की है। इन दिग्गजों की प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर ‘रामायण’ को लेकर चल रहे उत्साह को दोगुना कर दिया है।
रणबीर कपूर और स्टार कास्ट का जादू
इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। रणबीर की तैयारी और उनके लुक को लेकर पहले ही काफी चर्चा हो चुकी है। उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि रणबीर ने इस किरदार के लिए जो शारीरिक और मानसिक परिवर्तन किया है, वह पर्दे पर साफ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा, दक्षिण भारतीय सुपरस्टार यश (Yash) रावण की भूमिका में एक नई ऊर्जा लेकर आने वाले हैं, जिसे लेकर प्रशंसकों के बीच जबरदस्त क्रेज है।
विश्व स्तरीय वीएफएक्स और डीएनईजी (DNEG) का सहयोग
नितेश तिवारी ने यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है कि ‘रामायण’ केवल भारत की ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर की एक महान फिल्म बने। इसके लिए उन्होंने ऑस्कर विजेता वीएफएक्स कंपनी डीएनईजी (DNEG) के साथ हाथ मिलाया है। फिल्म का ट्रेलर उन भव्य सेटों और काल्पनिक दुनिया की झलक पेश करता है जिसे आधुनिक तकनीक के जरिए जीवंत किया गया है। निर्देशकों का कहना है कि जिस तरह से प्राचीन भारत और दिव्य नगरियों को पर्दे पर उतारा गया है, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया।
निष्कर्ष: क्या यह ‘बाहुबली’ का रिकॉर्ड तोड़ेगी?
‘रामायण’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है। नितेश तिवारी, जो ‘दंगल’ जैसी फिल्म दे चुके हैं, उनसे उम्मीदें काफी ज्यादा हैं। सिद्धार्थ आनंद और एटली जैसे निर्देशकों की सराहना इस बात की पुष्टि करती है कि फिल्म तकनीकी और कहानी के स्तर पर बहुत मजबूत है। अब बस इंतजार है इस महाकाव्य के पर्दे पर आने का, जो भारतीय सिनेमा की दिशा और दशा बदल सकता है।
