22/07/2026

संजय राउत का सरकार पर तीखा प्रहार: ‘किसान और छात्र विरोधी है केंद्र’

हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर उपजे विवाद ने देश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने पंजाब के किसानों के विरोध प्रदर्शन का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे ‘किसान विरोधी’ और ‘छात्र विरोधी’ करार दिया है।

क्या है पूरा मामला?

पंजाब में किसान विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। इन किसानों का मुख्य विरोध भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर है। किसानों का मानना है कि इस समझौते से घरेलू कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान हो सकता है और उनकी आजीविका पर संकट आ सकता है। इसी संदर्भ में संजय राउत ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

संजय राउत ने क्या कहा?

मीडिया से बातचीत करते हुए संजय राउत ने कहा कि, “यह सरकार न केवल किसानों के खिलाफ है, बल्कि छात्रों के साथ भी अन्याय कर रही है। देश का अन्नदाता आज फिर से सड़कों पर है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय अपनी नीतियां थोप रही है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हमारे किसानों के हितों के खिलाफ है और इसका विरोध होना ही चाहिए।”

राउत ने आगे कहा कि सरकार को कॉरपोरेट घरानों के दबाव में आकर काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि किसानों की चिंताओं को समझते हुए सरकार को इस समझौते पर पुनर्विचार करना चाहिए और किसानों के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए।

राजनीतिक सरगर्मी तेज

संजय राउत के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार की नीतियां देश के आम लोगों को ध्यान में रखकर नहीं बनाई जा रही हैं। वहीं, सत्तारूढ़ दल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह समझौता देश के आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है। हालांकि, पंजाब में बढ़ रहे किसान आंदोलन को देखते हुए सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

निष्कर्ष

संजय राउत के समर्थन से पंजाब के किसानों के इस आंदोलन को और अधिक बल मिला है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि केंद्र सरकार इस गतिरोध को कैसे सुलझाती है। किसानों की मांगें और सरकार का रुख अब आने वाले समय की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *