यूक्रेन में बड़ा सैन्य बदलाव: जेलेंस्की ने बदला सेना प्रमुख
रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच यूक्रेन की राजनीति और सेना में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अपने शीर्ष सैन्य कमांडर, जनरल वालेरी ज़ालुज़नी को पद से हटा दिया है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय लंबे समय से चल रही अटकलों और देश के भीतर बढ़ते असंतोष के बाद लिया गया है।
कौन हैं वालेरी ज़ालुज़नी और क्यों हुआ यह बदलाव?
जनरल वालेरी ज़ालुज़नी को यूक्रेन में ‘आयरन जनरल’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने युद्ध के शुरुआती दौर में रूसी आक्रमण को विफल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से राष्ट्रपति जेलेंस्की और ज़ालुज़नी के बीच रणनीतिक मतभेद सामने आ रहे थे। खबरों के अनुसार, यूक्रेन के ‘काउंटर-ऑफेंसिव’ (जवाबी हमले) की धीमी प्रगति और सेना की रणनीति को लेकर दोनों के बीच खींचतान चल रही थी।
क्या थे विरोध के मुख्य कारण?
अल जज़ीरा के अनुसार, इस बदलाव के पीछे कई कारण हैं। पहला कारण सैन्य रणनीति को लेकर मतभेद था। ज़ालुज़नी ने खुले तौर पर स्वीकार किया था कि युद्ध अब एक ‘गतिरोध’ (stalemate) की स्थिति में पहुंच गया है, जिसे जेलेंस्की ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। दूसरा कारण देश में लामबंदी (mobilization) और नई भर्तियों को लेकर जनता के बीच बढ़ता विरोध था। यूक्रेन में थकी हुई सेना को आराम देने और नई फोर्स तैयार करने की चुनौती बढ़ रही थी।
युद्ध के मोर्चे पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि सेना प्रमुख को बदलना राष्ट्रपति जेलेंस्की के लिए एक बड़ा जुआ है। वालेरी ज़ालुज़नी सैनिकों के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनकी विदाई से सेना के मनोबल पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, जेलेंस्की का तर्क है कि यूक्रेन को अब युद्ध के तीसरे साल में एक ‘ताजा दृष्टिकोण’ और नई सैन्य रणनीति की आवश्यकता है।
आगे की राह
यूक्रेन इस समय गोला-बारूद और पश्चिमी देशों की सैन्य सहायता में देरी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। नए सैन्य प्रमुख के सामने न केवल रूसी सेना को रोकने की चुनौती होगी, बल्कि उन्हें पश्चिमी देशों का विश्वास बनाए रखने के लिए युद्ध के मैदान में ठोस परिणाम भी दिखाने होंगे।
