सरकार का कड़ा रुख: 50 OTT प्लेटफॉर्म्स पर गिरी गाज
डिजिटल युग में मनोरंजन के साधनों में OTT (ओवर-द-टॉप) प्लेटफॉर्म्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। हालांकि, इस माध्यम पर परोसे जा रहे कंटेंट की गुणवत्ता और मर्यादा को लेकर लंबे समय से चिंताएं जताई जा रही थीं। हाल ही में, भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अश्लील कंटेंट और नियमों के उल्लंघन के आरोपी 50 से अधिक OTT प्लेटफॉर्म्स और ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, ये प्लेटफॉर्म्स लंबे समय से सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इन प्लेटफॉर्म्स पर न केवल अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री दिखाई जा रही थी, बल्कि वे सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की भी अनदेखी कर रहे थे। बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद, इन ऐप्स ने अपने कंटेंट में सुधार नहीं किया, जिसके बाद सरकार ने इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।
सरकारी कार्रवाई का आधार
सरकार ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर परोसे जाने वाले कंटेंट को भारतीय संस्कृति, मूल्यों और समाज की मर्यादा के अनुरूप होना चाहिए। इन ऐप्स को ब्लॉक करने के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित थे:
- अश्लीलता और नग्नता: कई प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं को अपमानजनक और अश्लील तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा था।
- नियमों की अनदेखी: सरकार द्वारा जारी IT नियमों (2021) का पालन न करना।
- शिकायतों का समाधान न करना: दर्शकों द्वारा की गई आपत्तियों को नजरअंदाज करना।
डिजिटल सेंसरशिप और सुरक्षा
यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सरकार डिजिटल कंटेंट के प्रति अधिक सतर्क हो गई है। केंद्रीय मंत्री ने पहले भी कई बार यह स्पष्ट किया है कि ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ के नाम पर अश्लीलता को बढ़ावा देना स्वीकार्य नहीं होगा। इन 50 प्लेटफॉर्म्स के अलावा, सरकार ने कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कार्रवाई की है, जो इन प्लेटफॉर्म्स के कंटेंट को प्रमोट कर रहे थे।
दर्शकों और क्रिएटर्स के लिए सीख
यह कदम उन सभी कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक चेतावनी है जो अधिक व्यूज पाने की होड़ में अश्लील या आपत्तिजनक सामग्री का सहारा लेते हैं। दर्शकों को भी चाहिए कि वे ऐसे प्लेटफॉर्म्स की शिकायत आधिकारिक पोर्टल पर करें। सरकार का यह कदम समाज में स्वस्थ मनोरंजन के वातावरण को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
