सुचित्रा कृष्णमूर्ति: ‘मैं तलाक की पोस्टर गर्ल बन गई थी’
90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री और गायिका सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने हाल ही में ‘रेडिफ’ को दिए एक साक्षात्कार में अपने निजी जीवन और विशेष रूप से अपने तलाक के कठिन दौर के बारे में दिल खोलकर बात की। उन्होंने बताया कि किस तरह उस दौर में एक महिला का तलाक लेना समाज के लिए एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया था।
तलाक का दौर और समाज का नजरिया
सुचित्रा ने कहा, ‘उस समय तलाक लेना कोई सामान्य बात नहीं थी। मुझे लगता है कि मैं उस समय तलाक की पोस्टर गर्ल बन गई थी।’ उन्होंने बताया कि जब उन्होंने निर्देशक शेखर कपूर से अलग होने का फैसला किया, तो उन्हें न केवल व्यक्तिगत दुख का सामना करना पड़ा, बल्कि मीडिया और समाज की तीखी टिप्पणियों का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे एक महिला के लिए अपनी शर्तों पर जीना आज भी चुनौतीपूर्ण है।
संघर्ष और मजबूती
अभिनेत्री ने अपने उस कठिन समय को याद करते हुए कहा कि लेखन और कला ने उन्हें इस मानसिक तनाव से उबरने में मदद की। उन्होंने कहा, ‘जब आपके पास बोलने के लिए बहुत कुछ होता है, तो आप उसे लिख देते हैं।’ उनकी किताबें और उनके विचार आज भी उन महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं जो अपने जीवन में समान परिस्थितियों से गुजर रही हैं।
क्या सीखा उस अनुभव से?
सुचित्रा मानती हैं कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन खुद को टूटने से बचाना सबसे बड़ी कला है। उन्होंने कहा कि तलाक के बाद भी उन्होंने अपनी बेटी का पालन-पोषण मजबूती से किया और अपने करियर को भी नई दिशा दी। उनका यह साक्षात्कार आज के दौर की उन महिलाओं के लिए एक सबक है जो खुद को सामाजिक दबावों के कारण कैद महसूस करती हैं।
निष्कर्ष
सुचित्रा कृष्णमूर्ति का यह इंटरव्यू साबित करता है कि वे एक फाइटर हैं। उन्होंने न केवल अपने अतीत को स्वीकार किया, बल्कि उसे अपने भविष्य की ताकत बनाया। उनकी ईमानदारी और स्पष्टवादिता आज के दौर के सेलिब्रिटीज के लिए एक उदाहरण है।
