सोनम वांगचुक का 26 दिवसीय संघर्ष और लद्दाख का भविष्य
पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने हाल ही में लद्दाख की सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर किया गया अपना 26 दिवसीय लंबा अनशन समाप्त कर दिया है। लेह की बर्फीली ठंड में शुरू हुआ यह अनशन न केवल भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है, लेकिन लद्दाख के लोगों का आंदोलन थमा नहीं है।
क्या थीं सोनम वांगचुक की मुख्य मांगें?
सोनम वांगचुक का मुख्य उद्देश्य लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) की रक्षा करना और केंद्र सरकार से वहां के लोगों के लिए संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करना था। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार थीं:
- छठी अनुसूची (Sixth Schedule): लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए, ताकि वहां की जमीन, संस्कृति और संसाधनों को बाहरी हस्तक्षेप से बचाया जा सके।
- राज्य का दर्जा: लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले और वहां अपनी विधानसभा हो।
- प्रतिनिधित्व: लद्दाख के लिए लोकसभा और राज्यसभा में उचित सीटें आरक्षित की जाएं।
‘कॉकरोच’ प्रदर्शनकारियों का नया संकल्प
अनशन समाप्त करते हुए वांगचुक ने घोषणा की कि वे अपना ‘सत्याग्रह’ का अगला चरण शुरू करेंगे। इसी बीच, लद्दाख के युवाओं और प्रदर्शनकारियों ने खुद को ‘कॉकरोच’ (Cockroach) का नाम दिया है। उनका तर्क है कि कॉकरोच सबसे कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रह सकते हैं, ठीक उसी तरह जैसे लद्दाख के लोग अत्यधिक विपरीत जलवायु में अपना अस्तित्व बचाए हुए हैं। इन प्रदर्शनकारियों ने कसम खाई है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेंगे।
आगे की राह क्या है?
वांगचुक ने अपने समर्थकों से कहा कि यह लड़ाई अब और अधिक संगठित तरीके से लड़ी जाएगी। उन्होंने लेह और कारगिल के लोगों के बीच एकजुटता पर जोर दिया है। सरकार के लिए लद्दाख की ये मांगें एक बड़ी चुनौती हैं क्योंकि क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा (चीन सीमा के समीप) के कारण केंद्र सरकार बहुत फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है।
लद्दाख के लोगों का यह संघर्ष इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र में अपनी बात मनवाने के लिए जनता की आवाज सबसे शक्तिशाली उपकरण है। अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वे लद्दाख के विकास और सुरक्षा के लिए कोई ठोस योजना पेश करेंगे।
