पंजाब में भर्ती परीक्षाओं की सुचिता पर सवाल: फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा में बड़ा खुलासा
पंजाब में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में आयोजित ‘फार्मेसी ऑफिसर’ भर्ती परीक्षा के दौरान एक बड़े नकल रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। राज्य भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पुलिस की छापेमारी में 35 ऐसे उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया गया है, जो हाई-टेक उपकरणों के जरिए नकल करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह परीक्षा राज्य के विभिन्न शहरों में आयोजित की गई थी। खुफिया इनपुट और स्थानीय पुलिस की सतर्कता के चलते यह पता चला कि परीक्षा में शामिल होने वाले कई अभ्यर्थी संगठित तरीके से नकल करने की योजना बना रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि उम्मीदवार अपने साथ ब्लूटूथ डिवाइस, माइक्रो-इयरपीस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले गए थे, ताकि बाहर बैठे गिरोह के सदस्यों से उत्तर प्राप्त कर सकें।
35 गिरफ्तार, कई और रडार पर
पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे रैकेट के पीछे एक बड़ा गिरोह सक्रिय है। अब तक 35 उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नकल कराने वाला गिरोह कहां से संचालित हो रहा था और इसमें कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि नकल के लिए उम्मीदवारों से भारी रकम वसूली गई थी।
भर्ती प्रक्रिया की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने पंजाब में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उम्मीदवारों को पकड़ लिया, लेकिन सवाल यह है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद परीक्षा केंद्र के अंदर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कैसे पहुंच गए? विपक्षी दलों ने भी इस मामले को लेकर सरकार को घेरा है और पूरी भर्ती प्रक्रिया की जांच की मांग की है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यवस्थित अपराध है, जिसे जड़ से खत्म करना जरूरी है। जल्द ही इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
