Google ने पेश किया नया सिक्योरिटी फीचर: अब सेल्फी वीडियो से होगा अकाउंट रिकवरी
गूगल (Google) लगातार अपने यूजर्स की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए नए-नए फीचर्स लेकर आता रहता है। इसी कड़ी में, टेक दिग्गज ने हाल ही में एक नया और क्रांतिकारी फीचर लॉन्च किया है, जो उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकता है जो अपना पासवर्ड भूल जाते हैं या जिनका अकाउंट हैक हो जाता है। गूगल अब अकाउंट रिकवरी के लिए ‘सेल्फी वीडियो’ (Selfie Video) वेरिफिकेशन का उपयोग करेगा।
क्या है गूगल का यह नया सेल्फी वीडियो फीचर?
अक्सर देखा गया है कि जब हम अपना गूगल अकाउंट (Gmail, Drive, Photos) एक्सेस नहीं कर पाते हैं, तो पासवर्ड रीसेट करना या पहचान साबित करना एक सिरदर्द बन जाता है। पारंपरिक तरीकों में अक्सर ईमेल या फोन नंबर पर आए OTP पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसे हैकर्स भी कभी-कभी चुरा सकते हैं। अब, गूगल एक ‘सेल्फी वीडियो’ विकल्प दे रहा है, जहां उपयोगकर्ता को अपने चेहरे का एक छोटा सा वीडियो रिकॉर्ड करके भेजना होगा।
यह फीचर कैसे काम करता है?
यह प्रक्रिया काफी सरल और सुरक्षित है। यदि आप अपने अकाउंट से लॉक हो जाते हैं, तो गूगल आपको एक वीडियो वेरिफिकेशन विकल्प दिखाएगा। इसमें आपको अपने चेहरे को कैमरे के सामने रखकर निर्देशों का पालन करना होगा। गूगल का AI सिस्टम यह सुनिश्चित करेगा कि आप वही असली व्यक्ति हैं जो अकाउंट का मालिक है।
- चरण 1: अकाउंट रिकवरी पेज पर जाएं।
- चरण 2: ‘Verify your identity’ विकल्प चुनें।
- चरण 3: सेल्फी वीडियो का विकल्प चुनें।
- चरण 4: स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों के अनुसार अपना सिर घुमाएं या वीडियो रिकॉर्ड करें।
- चरण 5: गूगल इस वीडियो का विश्लेषण करेगा और आपकी पहचान वेरिफाई होने पर आपको एक्सेस मिल जाएगा।
सुरक्षा और गोपनीयता का ध्यान
उपयोगकर्ताओं के मन में यह सवाल उठ सकता है कि क्या यह वीडियो सुरक्षित है? गूगल ने स्पष्ट किया है कि यह वीडियो डेटा पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड रहेगा और इसका उपयोग केवल आपकी पहचान को वेरिफाई करने के लिए किया जाएगा। इसे किसी भी सार्वजनिक मंच पर नहीं दिखाया जाएगा। बायोमेट्रिक सुरक्षा के इस कदम से अकाउंट चोरी होने की संभावना काफी कम हो जाएगी।
निष्कर्ष
गूगल का यह कदम साबित करता है कि कंपनी अपने करोड़ों यूजर्स की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर है। डिजिटल युग में, जहां साइबर अपराध बढ़ रहे हैं, ‘सेल्फी वीडियो’ जैसा फीचर सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत (Extra Layer) के रूप में काम करेगा। यह उन लोगों के लिए बहुत मददगार है जो टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) के अन्य तरीकों का उपयोग करने में असमर्थ हैं।
