25/07/2026

राहुल गांधी का सरकार पर हमला: ‘नौकरियों का अकाल’ सबसे बड़ा संकट

हाल के दिनों में भारत में ‘पेपर लीक’ की घटनाओं ने देशभर के युवाओं में भारी आक्रोश पैदा किया है। नीट (NEET) और यूजीसी नेट (UGC NET) जैसी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी का मानना है कि केवल पेपर लीक ही नहीं, बल्कि नौकरियों की भारी कमी देश के सामने सबसे बड़ा और भयावह संकट है।

पेपर लीक से भी बड़ा खतरा: बेरोजगारी

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ जो खिलवाड़ हो रहा है, वह केवल परीक्षाओं के लीक होने तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि असल मुद्दा यह है कि देश में नौकरियां ही नहीं हैं। राहुल गांधी के अनुसार, सरकार के ‘एम्प्लॉयमेंट’ के दावों के विपरीत, ज़मीनी हकीकत यह है कि युवा एक अदद नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

सरकारी विफलता और युवाओं का भविष्य

राहुल गांधी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जब एक युवा वर्षों तक कठिन मेहनत करता है, कोचिंग करता है और परीक्षाओं की तैयारी करता है, और अंत में उसे पता चलता है कि पेपर लीक हो गया है, तो उसका मानसिक और आर्थिक शोषण होता है। लेकिन, इससे भी ज्यादा गंभीर समस्या यह है कि सरकार के पास युवाओं को देने के लिए स्थायी और सम्मानजनक रोजगार ही नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां रोजगार सृजन के बजाय केवल कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुँचाने पर केंद्रित हैं।

भविष्य के लिए चेतावनी

विपक्ष के नेता ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं बदली, तो भारत आने वाले समय में एक गहरे ‘सामाजिक और आर्थिक संकट’ का सामना करेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं और सिस्टम की खामियों को उजागर करें। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र जो अपने युवाओं को रोजगार नहीं दे सकता, वह कभी भी विकसित भारत का सपना पूरा नहीं कर सकता।

निष्कर्ष

राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के लाखों छात्र अपनी भविष्य की अनिश्चितता को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। सरकार को अब जवाब देना होगा कि आखिर नौकरियों का यह संकट कब खत्म होगा। क्या केवल पेपर लीक पर लगाम लगाना काफी है, या सरकार को रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं में बदलाव करना होगा?

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