अपरा मेहता ने साझा किया ‘क्योंकि’ के दिनों का खौफनाक अनुभव
भारतीय टेलीविजन के इतिहास में ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ एक मील का पत्थर रहा है। इस शो ने न केवल स्मृति ईरानी को घर-घर में पहचान दिलाई, बल्कि ‘सविता विरानी’ का किरदार निभाने वाली अपरा मेहता को भी अपार लोकप्रियता दी। हालांकि, हाल ही में एक इंटरव्यू में अपरा मेहता ने उस दौर के ‘क्रेज’ का एक काला पहलू भी साझा किया है, जिसे जानकर हर कोई हैरान है।
भीड़ का हिंसक व्यवहार
अपरा मेहता ने हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में बताया कि उस समय शो की लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि फैंस अक्सर सीमाओं को पार कर जाते थे। उन्होंने याद करते हुए कहा, ‘जब हम बाहर शूटिंग के लिए जाते थे, तो वहां मौजूद भीड़ को संभालना नामुमकिन हो जाता था। मैं उस समय ‘क्योंकि’ की सफलता के चरम पर थी। लोग मुझे छूने की कोशिश करते थे, मेरे कपड़े खींचते थे, यहां तक कि उन्होंने मेरे साथ शारीरिक बदसलूकी भी की थी।’
सिगरेट से जलने और अंगूठी छीनने की कोशिश
अपरा मेहता ने आगे बताया कि एक बार तो स्थिति बेहद खतरनाक हो गई थी। उन्होंने खुलासा किया, ‘एक बार भीड़ ने मुझे इस कदर घेरा कि किसी ने जलती हुई सिगरेट मेरी त्वचा पर लगा दी थी। इतना ही नहीं, किसी ने मेरी अंगूठी खींचने की भी कोशिश की। मुझे नहीं पता था कि मैं सुरक्षित घर वापस पहुँच पाऊंगी या नहीं। उस समय का स्टारडम एक तरह का जुनून था, जिसने कई बार हमें डरा दिया था।’
क्या आज का स्टारडम अलग है?
अपरा मेहता का मानना है कि आज के दौर में सुरक्षा के इंतज़ाम और सोशल मीडिया की वजह से चीजें थोड़ी बदल गई हैं, लेकिन उस समय का क्रेज बिल्कुल अलग था। उस दौर में फैंस सितारों को एक भगवान की तरह पूजते थे, जिसकी वजह से वे अक्सर आपा खो बैठते थे। अभिनेत्री ने यह भी माना कि भले ही वह प्यार और प्रशंसा के लिए आभारी हैं, लेकिन इस तरह की हिंसा बर्दाश्त के बाहर थी।
निष्कर्ष
अपरा मेहता का यह खुलासा बताता है कि टीवी सितारों के जीवन के पीछे की चकाचौंध में कई बार ऐसे काले पन्ने भी होते हैं, जिनके बारे में हम कभी जान नहीं पाते। अपरा की यह कहानी प्रशंसकों को यह याद दिलाती है कि किसी भी सेलिब्रिटी का सम्मान करना सबसे महत्वपूर्ण है।
