26/07/2026

पीएम मोदी का डिजिटल दबदबा: ‘थैंक यू फ्रेंड्स’ रील ने बनाया नया रिकॉर्ड

सोशल मीडिया के दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। हाल ही में, पीएम मोदी द्वारा शेयर की गई एक रील ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। ‘थैंक यू फ्रेंड्स’ कैप्शन के साथ साझा की गई इस रील ने 303 मिलियन से अधिक व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है। दिलचस्प बात यह है कि यह रिकॉर्ड ऐसे समय में बना है जब देश में CJP (Citizens for Justice and Peace) की ओर से पीएम मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का माहौल चर्चा में है।

क्या है पूरा मामला?

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने समर्थकों और देशवासियों का आभार व्यक्त किया। इस रील ने बहुत ही कम समय में सोशल मीडिया एल्गोरिदम को मात देते हुए करोड़ों लोगों तक अपनी पहुंच बनाई। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इतने भारी संख्या में व्यूज यह दर्शाते हैं कि राजनीतिक विरोध के बावजूद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पीएम मोदी की पकड़ कितनी मजबूत है।

CJP विरोध और सोशल मीडिया का शोर

एक तरफ जहाँ CJP द्वारा पीएम मोदी के कुछ नीतियों और फैसलों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उनकी डिजिटल उपस्थिति तेजी से बढ़ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री का सीधा संवाद उन्हें अपने समर्थकों के साथ जोड़े रखने में मदद करता है। 303 मिलियन व्यूज न केवल एक संख्या है, बल्कि यह प्रधानमंत्री की जन-कनेक्ट रणनीति की सफलता का प्रमाण भी है।

डिजिटल युग में पीएम मोदी की लोकप्रियता

पीएम मोदी दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले राजनेताओं में से एक हैं। चाहे इंस्टाग्राम हो, एक्स (पूर्व में ट्विटर) या यूट्यूब, वे अपने समर्थकों तक पहुंचने के लिए नए-नए तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। ‘थैंक यू फ्रेंड्स’ जैसी रील इस बात का सबूत है कि लोग उनके द्वारा साझा किए गए कंटेंट को न केवल देखते हैं, बल्कि उसे बड़े पैमाने पर शेयर भी करते हैं।

निष्कर्ष

चाहे विरोध हो या समर्थन, पीएम मोदी का सोशल मीडिया गेम लगातार सुर्खियों में रहता है। 303 मिलियन व्यूज के साथ, उन्होंने यह साबित कर दिया है कि वे आज भी डिजिटल दुनिया के सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्व बने हुए हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह वायरल रील विपक्षी दलों और विरोध प्रदर्शन करने वाले समूहों की रणनीति को प्रभावित करती है या नहीं।

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