श्रेयस अय्यर ने युवा टीम इंडिया के ‘निडर रवैये’ को दिया जीत का श्रेय
भारतीय क्रिकेट टीम के प्रतिभाशाली बल्लेबाज और हाल ही में कप्तान की भूमिका निभाने वाले श्रेयस अय्यर ने अपनी पहली सीरीज जीत के बाद युवा खिलाड़ियों के जज्बे की खुलकर तारीफ की है। अय्यर का मानना है कि मैदान पर जीत हासिल करने के लिए कौशल के साथ-साथ सही ‘एटीट्यूड’ (रवैया) का होना बहुत जरूरी है, और उनकी टीम ने इसे बखूबी दिखाया है।
निडर होकर खेलने का मंत्र
सीरीज में जीत दर्ज करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान श्रेयस अय्यर ने कहा, “यह सब कुछ एटीट्यूड (रवैया) के बारे में है। जिस तरह से हमारे युवा खिलाड़ियों ने निडर होकर क्रिकेट खेला, वह काबिले तारीफ है। हमने किसी भी स्थिति में घुटने नहीं टेके और खेल के हर विभाग में अपना शत-प्रतिशत दिया।” अय्यर के अनुसार, आधुनिक क्रिकेट में हार-जीत से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि आप किस सोच के साथ मैदान पर उतरते हैं।
युवाओं पर जताया भरोसा
अय्यर ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय टीम में युवा प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्होंने कहा, “जब आप युवाओं पर भरोसा जताते हैं और उन्हें खुलकर खेलने की आजादी देते हैं, तो वे परिणाम खुद-ब-खुद देते हैं। इस सीरीज के दौरान हमने देखा कि कैसे युवा खिलाड़ियों ने दबाव के क्षणों में भी अपनी एकाग्रता नहीं खोई।”
कप्तानी का अनुभव
कप्तान के तौर पर यह जीत श्रेयस अय्यर के लिए काफी खास है। उन्होंने आगे कहा कि नेतृत्व करना एक जिम्मेदारी भरा काम है, लेकिन जब आपके पास एक ऐसी टीम हो जो हर परिस्थिति के लिए तैयार हो, तो काम आसान हो जाता है। उन्होंने टीम के सपोर्ट स्टाफ और कोचों का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने में मदद की।
भविष्य की ओर एक कदम
श्रेयस अय्यर का यह बयान भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक अच्छा संकेत है। टीम इंडिया अब अपनी बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने पर काम कर रही है और ऐसे निडर प्रदर्शन से साफ जाहिर है कि भविष्य सुरक्षित हाथों में है। प्रशंसक भी अय्यर की कप्तानी और टीम के आक्रामक खेल से काफी प्रभावित नजर आ रहे हैं।
