आकांक्षा पुरी ने खोला जंतर-मंतर विरोध का ‘काला सच’
हाल ही में मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया पर एक बड़ी खबर ने हलचल मचा दी है। मशहूर अभिनेत्री आकांक्षा पुरी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए कुछ विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा किया है। आकांक्षा का दावा है कि ये विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से ‘स्पॉन्सर्ड’ या ‘पेड’ थे, और उन्हें भी इनमें शामिल होने के लिए मोटी रकम का लालच दिया गया था।
क्या है पूरा मामला?
आकांक्षा पुरी ने रिपब्लिक वर्ल्ड के साथ एक विशेष बातचीत में बताया कि उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था, जिसने उन्हें किसी विशेष विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बदले पैसे देने की पेशकश की थी। अभिनेत्री ने इस घटना को चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले कई विरोध प्रदर्शन असल में जमीनी स्तर पर जनता की आवाज नहीं, बल्कि एक सुनियोजित एजेंडा होते हैं।
‘मुझे भी मिले थे पैसे के ऑफर’
आकांक्षा ने विस्तार से बताते हुए कहा, ‘मेरे पास एक कॉल आया जिसमें मुझसे कहा गया कि मुझे जंतर-मंतर जाना है और वहां कुछ विशेष नारों को दोहराना है। इसके बदले मुझे एक अच्छी खासी रकम देने का वादा किया गया। जब मैंने उनसे पूछा कि क्या मैं सच में किसी मुद्दे का समर्थन कर रही हूं, तो उन्होंने कोई ठोस जवाब नहीं दिया।’
अभिनेत्री ने आगे कहा कि उन्हें यह देखकर दुख होता है कि कैसे डिजिटल युग में ‘विरोध’ को भी एक बिजनेस मॉडल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक कलाकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी लोगों को जागरूक करना है, न कि किसी के द्वारा प्रायोजित एजेंडे का हिस्सा बनना।
सोशल मीडिया और एजेंडा की सच्चाई
आकांक्षा पुरी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश भर में कई मुद्दों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। उनका यह खुलासा इस बात की ओर इशारा करता है कि कैसे कुछ ताकतें सोशल मीडिया पर माहौल बनाने के लिए पेड इन्फ्लुएंसर्स और हस्तियों का सहारा लेती हैं। फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स ने आकांक्षा के इस साहस की काफी सराहना की है और इसे ‘सत्य को बाहर लाने वाला कदम’ बताया है।
निष्कर्ष
आकांक्षा पुरी द्वारा किए गए इस खुलासे ने विरोध प्रदर्शनों की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, अभी तक उन समूहों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है जिन्होंने कथित तौर पर अभिनेत्री से संपर्क किया था। लेकिन, यह मामला स्पष्ट रूप से दिखाता है कि आज के दौर में इंटरनेट पर दिखाई देने वाली हर चीज सच नहीं होती।
