नीट विवाद ने पकड़ा तूल: तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी
बिहार की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। हाल ही में संपन्न हुई नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितताओं के विरोध में पटना में चल रहे प्रदर्शनों के बीच, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
प्रदर्शन और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
नीट परीक्षा को लेकर पूरे देश में आक्रोश है। इसी क्रम में पटना में आरजेडी कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के प्रयास किए गए, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए तेज प्रताप यादव को हिरासत में ले लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने और हिंसक गतिविधियों में शामिल होने की कोशिश की थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर लिया गया।
14 दिनों की न्यायिक हिरासत
गिरफ्तारी के बाद तेज प्रताप यादव को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति में आरजेडी और एनडीए सरकार के बीच तनाव को और बढ़ाने वाला है।
क्या है नीट परीक्षा विवाद?
नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी को लेकर देशभर के छात्र सड़कों पर हैं। विपक्ष इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बता रहा है। बिहार में इस मामले की जांच ईओयू (EOU) कर रही है, और कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। तेज प्रताप यादव ने सरकार पर इस मामले में लीपापोती करने का गंभीर आरोप लगाया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर आरजेडी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ताओं ने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ और ‘दमनकारी नीति’ करार दिया है। वहीं, सत्ता पक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
