30/07/2026

ब्लैक सी में संकट: 13 भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता

हालिया अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के बीच, ब्लैक सी (काला सागर) में जारी सैन्य तनाव ने एक बार फिर भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 13 भारतीय नाविक वर्तमान में ब्लैक सी के अशांत क्षेत्र में फंसे हुए हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण इस समुद्री मार्ग को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, और वहां हो रहे हमलों ने इन नाविकों के लिए संकट की स्थिति पैदा कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स और यूनियन के दावों के मुताबिक, ये भारतीय नाविक एक मालवाहक जहाज पर तैनात थे, जो ब्लैक सी में फंसे हुए हैं। युद्ध के कारण इस पूरे इलाके में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं। जहाजों के लिए यह क्षेत्र ‘हाई रिस्क ज़ोन’ घोषित किया गया है, जिसके कारण इन नाविकों का सुरक्षित बाहर निकलना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

नामिकों की स्थिति और यूनियन की मांग

मैरीटाइम यूनियनों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। यूनियन का कहना है कि ये नाविक पिछले कई दिनों से बिना किसी सुरक्षा के और रसद की कमी के बीच फंसे हुए हैं। ब्लैक सी में जहाजों पर हो रहे हमलों की बढ़ती घटनाओं ने नाविकों के परिवारों के बीच डर पैदा कर दिया है। सरकार को कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से इन नाविकों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करने चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और सुरक्षा

अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत, संघर्ष वाले क्षेत्रों में फंसे नाविकों की सुरक्षा के लिए विशेष नियम हैं। हालांकि, युद्ध की अनिश्चितता के कारण कई बार इन नियमों का पालन करना कठिन हो जाता है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) स्थिति पर बारीक नजर बनाए हुए है। पहले भी यूक्रेन संकट के दौरान ‘ऑपरेशन गंगा’ के माध्यम से भारतीयों को सुरक्षित निकालने का सफल प्रयास किया गया था, और अब नाविकों के मामले में भी वैसी ही तत्परता की उम्मीद है।

निष्कर्ष

समुद्री सुरक्षा किसी भी देश के लिए प्राथमिकता होती है। ब्लैक सी में फंसे 13 भारतीय नाविकों की सकुशल वापसी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत और सटीक कूटनीति की आवश्यकता है। हम आशा करते हैं कि संबंधित अधिकारी जल्द ही इन नाविकों को सुरक्षित वापस लाने में सफल होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *