दिल्ली में दिल दहला देने वाला हादसा
देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर इलाके में एक घर में लगी भीषण आग ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। इस हृदयविदारक हादसे में एक महिला और उसकी दो नाबालिग बेटियों की दम घुटने से मौत हो गई। घटना के समय का एक ऑडियो कॉल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें महिला आखिरी वक्त में मदद के लिए गुहार लगा रही थी।
क्या है पूरी घटना?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग सुबह के समय घर के निचले हिस्से में लगी। धीरे-धीरे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और धुआं पूरे घर में फैल गया। घर में मौजूद महिला अपनी दोनों बेटियों के साथ ऊपर के कमरे में फंस गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला।
‘हम फंस गए हैं, जल्दी आओ’
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग में घिरी महिला ने अपनी जान बचाने के लिए अंतिम कोशिश के रूप में अपने परिजनों को फोन किया। उसने रोते हुए कहा, “हम अंदर फंस गए हैं, हर तरफ धुआं है, प्लीज हमें बचा लो।” परिजनों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया, लेकिन जब तक मदद पहुंचती, बहुत देर हो चुकी थी।
दम घुटने से हुई मौत
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग की लपटों से ज्यादा मौत का कारण जहरीला धुआं था। घर में वेंटिलेशन न होने के कारण धुआं कमरों में भर गया, जिससे तीनों मां-बेटियों को सांस लेने में भारी दिक्कत हुई और वे बेहोश हो गईं। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और शवों को बाहर निकाला, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन की चेतावनी
इस दुखद घटना ने एक बार फिर दिल्ली में रिहायशी इलाकों में आग से सुरक्षा के मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आग लगने का सटीक कारण क्या था। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट को वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों में ‘फायर एग्जिट’ और वेंटिलेशन का उचित ध्यान रखें और बिजली के उपकरणों की नियमित जांच करवाएं।
इस हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर दी है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों के चले जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
