राजौरी में मूसलाधार बारिश और हादसों का तांडव
जम्मू-कश्मीर का राजौरी जिला इन दिनों कुदरती आपदाओं की मार झेल रहा है। हालिया मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लोरां इलाके में एक मकान के ढहने से 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि राजौरी में ही अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) के कारण लापता हुए दो लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। यह घटना इलाके में मातम का माहौल पैदा कर गई है।
लोरां में मकान ढहने से भीषण हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, लोरां क्षेत्र में भारी बारिश के कारण एक कच्चा मकान अचानक भरभरा कर गिर गया। मलबे में दबने से एक ही परिवार के 7 लोगों की जान चली गई। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन मलबे के नीचे दबे लोगों को जीवित बचा पाना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।
फ्लैश फ्लड का कहर: दो शव बरामद
लोरां की घटना के अलावा, राजौरी के विभिन्न इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने भी भारी तबाही मचाई है। भारी बारिश के बाद नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिसकी चपेट में आने से कुछ लोग बह गए थे। जिला प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद लापता हुए दो व्यक्तियों के शव बरामद किए हैं। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है ताकि किसी अन्य लापता व्यक्ति का पता लगाया जा सके।
प्रशासन की चेतावनी और बचाव कार्य
प्रशासन ने भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे और सहायता की घोषणा की गई है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव दल पूरी तरह से सक्रिय हैं और प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाई जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और कच्चे मकानों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
निष्कर्ष
राजौरी में हुई ये दुर्घटनाएं प्रकृति की अनिश्चितता और आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को दर्शाती हैं। प्रशासन का प्रयास है कि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद प्रदान की जाए।
