22/07/2026

यूक्रेन में सैन्य नेतृत्व में बड़ा बदलाव: जेलेंस्की ने बदला अपना कमांडर

यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध के बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए अपने शीर्ष सैन्य प्रमुख को बदल दिया है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए जेलेंस्की ने सैन्य कमांडर-इन-चीफ वेलेरी ज़ालुज़नी को पद से हटा दिया है।

क्या है इस बदलाव की मुख्य वजह?

पिछले कुछ महीनों से यूक्रेन के राजनीतिक और सैन्य गलियारों में राष्ट्रपति जेलेंस्की और जनरल ज़ालुज़नी के बीच मतभेदों की खबरें चर्चा में थीं। युद्ध की रणनीति और आने वाले समय के लिए यूक्रेन के सैन्य दृष्टिकोण को लेकर दोनों के बीच तालमेल की कमी दिखाई दे रही थी। ज़ालुज़नी, जिन्हें यूक्रेन में ‘आयरन जनरल’ के नाम से जाना जाता है, ने रूसी सेना के खिलाफ कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों में नेतृत्व किया था, लेकिन हाल के समय में जवाबी हमले (Counter-offensive) की धीमी रफ्तार पर सवाल उठ रहे थे।

युद्ध के मोर्चे पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव यूक्रेन की युद्ध नीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है। जेलेंस्की का तर्क है कि यूक्रेन को अब एक नई रणनीति और ‘ताजी ऊर्जा’ की आवश्यकता है। ज़ालुज़नी की जगह अब अलेक्जेंडर सिरस्की को कमान सौंपी गई है। सिरस्की इससे पहले यूक्रेन की जमीनी सेना का नेतृत्व कर रहे थे और उन्हें कीव की रक्षा करने का श्रेय दिया जाता है।

क्या जनता में है असंतोष?

अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ज़ालुज़नी को हटाए जाने के फैसले के बाद यूक्रेन में कहीं-कहीं विरोध के स्वर भी सुनाई दिए हैं। यूक्रेन की जनता के एक वर्ग में ज़ालुज़नी की लोकप्रियता काफी अधिक है, जिन्हें वे युद्ध के दौरान देश का रक्षक मानते हैं। हालाँकि, सरकार का कहना है कि यह निर्णय सेना को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है ताकि भविष्य की चुनौतियों का डटकर सामना किया जा सके।

निष्कर्ष

यूक्रेन के लिए यह समय अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। जहाँ एक तरफ रूसी सेना का दबाव बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी देशों से मिलने वाली मदद को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में सैन्य नेतृत्व में यह बदलाव यूक्रेन की रक्षा क्षमता को मजबूत करने का एक साहसी कदम माना जा रहा है। देखना यह होगा कि अलेक्जेंडर सिरस्की के नेतृत्व में यूक्रेनी सेना किस तरह युद्ध का रुख मोड़ने में सफल होती है।

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