गूगल छंटनी: 4,500 कर्मचारियों ने सुंदर पिचाई के सामने रखी अपनी मांगें
टेक जगत की दिग्गज कंपनी गूगल (Google) में छंटनी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में कंपनी द्वारा की गई व्यापक स्तर पर छंटनी से प्रभावित 4,500 से अधिक कर्मचारियों ने एकजुट होकर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने कंपनी से बेहतर ‘सेवरेंस पैकेज’ (severance package) और स्वैच्छिक बायआउट (voluntary buyouts) की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, गूगल ने लागत कम करने और दक्षता बढ़ाने के नाम पर हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इससे प्रभावित कर्मचारियों का एक बड़ा समूह अब कंपनी के खिलाफ आवाज उठा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि जिस तरह से छंटनी की प्रक्रिया अपनाई गई, वह काफी अपमानजनक थी और उन्हें अपनी आजीविका सुरक्षित करने के लिए बेहतर आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
सुंदर पिचाई को लिखे गए इस पत्र में कर्मचारियों ने मुख्य रूप से दो बड़ी मांगे रखी हैं:
- बेहतर सेवरेंस पैकेज: प्रभावित कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी को उन्हें पर्याप्त मुआवजा देना चाहिए ताकि वे नई नौकरी ढूंढने के दौरान आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकें।
- स्वैच्छिक बायआउट (Voluntary Buyouts): कर्मचारियों ने मांग की है कि कंपनी को सीधे निकालने के बजाय स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या बायआउट के विकल्प देने चाहिए थे, ताकि कर्मचारी अपनी मर्जी से कंपनी छोड़ सकें।
गूगल का रुख और वर्तमान स्थिति
गूगल का कहना है कि यह निर्णय कंपनी के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। हालांकि, कर्मचारियों का मानना है कि कंपनी का मुनाफा अभी भी काफी अधिक है, ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में छंटनी करना पूरी तरह से उचित नहीं था। यह मुद्दा न केवल गूगल के अंदर, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बना हुआ है।
निष्कर्ष
गूगल जैसे बड़े संस्थान में काम कर रहे कर्मचारियों का इस तरह एकजुट होना यह दर्शाता है कि आज के दौर में कॉर्पोरेट जगत में जॉब सिक्योरिटी (Job Security) एक बड़ा मुद्दा बन गया है। अब देखना यह होगा कि सुंदर पिचाई और गूगल प्रबंधन इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देता है। क्या कंपनी अपने प्रभावित पूर्व कर्मचारियों को राहत देने के लिए कोई नया पैकेज पेश करेगी?
