क्या AI युवाओं के लिए करियर के रास्ते बंद कर रहा है?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दौर चल रहा है, और हर तरफ इसकी चर्चा है कि यह कैसे काम को आसान बना रहा है। लेकिन, ‘येल इनसाइट्स’ (Yale Insights) की एक हालिया रिपोर्ट ने एक गंभीर चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्ट बताती है कि AI का सबसे बड़ा खतरा उन लोगों के लिए है जो अभी अपना करियर शुरू करने वाले हैं।
प्रवेश स्तर (Entry-Level) की नौकरियों पर संकट
आमतौर पर, कंपनियां नए स्नातकों (graduates) को जूनियर पदों पर रखती हैं ताकि वे काम सीख सकें और भविष्य के विशेषज्ञ बन सकें। लेकिन AI अब उन शुरुआती कामों को खुद कर रहा है—जैसे डेटा एंट्री, बेसिक कोडिंग, रिपोर्ट राइटिंग और विश्लेषण। जब कंपनियां ये काम AI से करवा रही हैं, तो वे नए लोगों को नियुक्त करना कम कर रही हैं।
सीखने की प्रक्रिया में बाधा
येल की रिपोर्ट के अनुसार, यदि प्रवेश स्तर की नौकरियां कम हो जाएंगी, तो युवा पीढ़ी के पास ‘ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग’ (काम करते हुए सीखना) का अवसर नहीं होगा। करियर की सीढ़ी का पहला पायदान गायब होने का मतलब है कि भविष्य में सीनियर और अनुभवी पेशेवरों की कमी हो जाएगी। यह एक ऐसा चक्र है जो लंबे समय में अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक हो सकता है।
कंपनियों की बदली हुई रणनीति
कंपनियां उत्पादकता बढ़ाने के लिए AI को अपना रही हैं, जिसका अल्पकालिक (short-term) फायदा तो दिख रहा है। हालांकि, यह दूरगामी परिणाम नहीं देख रही हैं। बिना नए लोगों को मौका दिए, कंपनियां अपनी ‘टैलेंट पाइपलाइन’ को खुद ही खत्म कर रही हैं।
अब क्या करें?
युवाओं के लिए सुझाव यह है कि वे केवल पारंपरिक डिग्री पर निर्भर न रहें। AI टूल्स को मास्टर करना, जटिल समस्या सुलझाने (critical thinking) की क्षमता विकसित करना और ‘ह्यूमन-टू-ह्यूमन’ स्किल्स (जैसे नेतृत्व और सहानुभूति) पर ध्यान देना अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
