अभ्यास मैचों की कमी पर भड़के मोहम्मद अशरफुल
बांग्लादेश क्रिकेट टीम का जिम्बाब्वे दौरा उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। इस दौरे पर मिली हार के बाद टीम के प्रदर्शन की कड़ी आलोचना हो रही है। इसी कड़ी में बांग्लादेश के पूर्व कप्तान मोहम्मद अशरफुल ने एक बड़ा बयान दिया है। क्रिकबज (Cricbuzz) के साथ बातचीत में अशरफुल ने साफ तौर पर कहा कि जिम्बाब्वे के खिलाफ श्रृंखला में बांग्लादेश की असफलता के पीछे ‘अभ्यास मैचों की कमी’ सबसे बड़ा कारण है।
तैयारी में चूक बनी हार की वजह
मोहम्मद अशरफुल का मानना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय दौरे पर जाने से पहले टीम को पर्याप्त वार्म-अप या अभ्यास मैच खेलने चाहिए, जिससे खिलाड़ी वहां की परिस्थितियों (conditions) से परिचित हो सकें। अशरफुल ने कहा, ‘जब आप एक विदेशी दौरे पर जाते हैं, तो आपको वहां की पिच और मौसम के हिसाब से खुद को ढालने के लिए कुछ अभ्यास मैचों की आवश्यकता होती है। बांग्लादेशी टीम ने सीधे श्रृंखला की शुरुआत की, जिसने खिलाड़ियों के तालमेल और आत्मविश्वास पर असर डाला।’
खिलाड़ियों का आत्मविश्वास डगमगाया
पूर्व कप्तान ने आगे कहा कि अभ्यास मैचों के बिना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीधे उतरना कठिन होता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि घरेलू पिचों और जिम्बाब्वे की पिचों में काफी अंतर होता है। इस अंतर को कम करने के लिए अभ्यास सत्र और मैच अनिवार्य हैं। बिना किसी प्रतिस्पर्धात्मक अभ्यास के खेलने से बल्लेबाजों और गेंदबाजों का तालमेल बिगड़ गया, जिसका सीधा फायदा जिम्बाब्वे की टीम को मिला।
भविष्य के दौरों के लिए सबक
अशरफुल के मुताबिक, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को भविष्य में इन बातों का ध्यान रखना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि हर बड़े टूर्नामेंट या सीरीज से पहले कम से कम दो-तीन अभ्यास मैच खेलने का प्रावधान होना चाहिए। इससे बेंच स्ट्रेंथ को परखने का मौका भी मिलता है और मुख्य टीम को लय भी प्राप्त होती है।
हालांकि बांग्लादेशी टीम के पास प्रतिभावान खिलाड़ियों की कमी नहीं है, लेकिन सही दिशा और तैयारी के अभाव में परिणाम उनके पक्ष में नहीं आ रहे हैं। क्या भविष्य में बांग्लादेशी प्रबंधन इस पर गौर करेगा? यह आने वाला समय ही बताएगा।
