ऑनलाइन शॉपिंग में बड़ा धोखा: आईफोन की जगह मिला तेल का डिब्बा
ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा करना कई बार ग्राहकों के लिए भारी पड़ जाता है। हाल ही में एक ऐसी ही घटना सामने आई है, जिसने ई-कॉमर्स कंपनियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ग्राहक जिसने फ्लिपकार्ट (Flipkart) से महंगा आईफोन ऑर्डर किया था, उसे डिलीवरी में आईफोन के बजाय ‘तेल का डिब्बा’ मिला। अब उपभोक्ता अदालत ने फ्लिपकार्ट को इस मामले में ग्राहक को 1.8 लाख रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला चंडीगढ़ का है, जहां एक व्यक्ति ने फ्लिपकार्ट से आईफोन ऑर्डर किया था। पेमेंट पूरी तरह से करने के बाद जब डिलीवरी पार्टनर उनके पास पहुंचा, तो पैकेट की सील से छेड़छाड़ का कोई संकेत नहीं था। हालांकि, जब ग्राहक ने घर जाकर पैकेट खोला, तो उनके होश उड़ गए। आईफोन के बॉक्स के अंदर मोबाइल फोन की जगह सरसों के तेल का एक डिब्बा रखा हुआ था।
उपभोक्ता अदालत का कड़ा रुख
ग्राहक ने तुरंत कंपनी से संपर्क किया, लेकिन कंपनी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हार मानकर ग्राहक ने उपभोक्ता आयोग (Consumer Commission) का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान, अदालत ने फ्लिपकार्ट की लापरवाही को गंभीरता से लिया। अदालत ने माना कि यह न केवल सेवा में कमी (Deficiency in service) का मामला है, बल्कि ग्राहक के साथ हुआ एक बड़ा मानसिक उत्पीड़न भी है।
कितना मिलेगा मुआवजा?
चंडीगढ़ उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने अपने फैसले में फ्लिपकार्ट को आदेश दिया है कि वह ग्राहक को आईफोन की पूरी कीमत (जो लगभग 50,000 रुपये से अधिक थी) वापस करे। इसके अलावा, कंपनी पर मानसिक उत्पीड़न और मुकदमेबाजी के खर्च के रूप में अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है। कुल मिलाकर, फ्लिपकार्ट को अब पीड़ित को 1.8 लाख रुपये की राशि का भुगतान करना होगा।
ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए सबक
यह फैसला उन तमाम ग्राहकों के लिए एक जीत है जो अक्सर ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। यह घटना स्पष्ट करती है कि यदि आप किसी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ गलत अनुभव का सामना करते हैं, तो उपभोक्ता अदालत के माध्यम से न्याय पाना संभव है। यह मामला कंपनियों को यह भी याद दिलाता है कि ग्राहकों के विश्वास के साथ खिलवाड़ करना उन्हें कानूनी रूप से भारी पड़ सकता है।
ग्राहक क्या करें?
ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान हमेशा ‘ओपन बॉक्स डिलीवरी’ (Open Box Delivery) का विकल्प चुनें। यदि संभव हो, तो महंगे गैजेट्स खोलते समय उसका वीडियो जरूर बनाएं। यह वीडियो भविष्य में सबूत के तौर पर बहुत काम आता है।
