25/07/2026

पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर उठा सवाल

पंजाब की राजनीति में पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर तीखा प्रहार किया है। दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और पंजाब में लगातार सामने आ रहे भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक के मामलों ने विपक्ष को सरकार को घेरने का एक बड़ा मौका दे दिया है।

हरसिमरत बादल का तंज: ‘सोनम वांगचुक को बनाएं शिक्षा मंत्री’

हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब की ‘बदहाल’ शिक्षा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि, ‘यदि आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब के युवाओं का भविष्य बचाने में अक्षम है, तो उन्हें सोनम वांगचुक जैसे शिक्षा सुधारकों की मदद लेनी चाहिए या उन्हें पंजाब का शिक्षा मंत्री बना देना चाहिए।’

उनका यह बयान तब आया जब दिल्ली में छात्रों और प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रशासनिक विफलता के खिलाफ आवाज उठाई जा रही थी। हरसिमरत ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बार-बार सरकारी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है।

पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं में आक्रोश

पंजाब में पिछले कुछ समय में कई महत्वपूर्ण सरकारी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की खबरें आई हैं। इन घटनाओं ने लाखों छात्रों के सपनों को तोड़ दिया है। हरसिमरत बादल ने तर्क दिया कि पंजाब के युवा कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन सरकार की लापरवाही और ‘पेपर माफिया’ के चलते उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है।

उन्होंने आगे कहा, ‘एक तरफ आप ‘शिक्षा मॉडल’ का दावा करते हैं, दूसरी तरफ पंजाब के युवा सड़कों पर इंसाफ की मांग कर रहे हैं। अगर सरकार से पेपर सुरक्षित नहीं रखे जा रहे, तो उन्हें सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।’

शिक्षा बनाम राजनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हरसिमरत कौर बादल का यह बयान केवल एक कटाक्ष नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में विपक्ष द्वारा सरकार को घेरने की एक सोची-समझी रणनीति है। सोनम वांगचुक का नाम लेना एक सांकेतिक विरोध है, जो शिक्षा के क्षेत्र में ईमानदारी और नवाचार की मांग को दर्शाता है।

फिलहाल, आम आदमी पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह चर्चा का विषय बन गया है। पंजाब के छात्र अब सरकार से इस मामले में सीबीआई जांच या उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *