30/07/2026

लॉरेन पॉवेल जॉब्स की संस्था XQ विवादों के घेरे में: क्या वाकई माहौल ‘वीप’ जैसा है?

परोपकार की दुनिया में, लॉरेन पॉवेल जॉब्स का नाम काफी सम्मान के साथ लिया जाता है। उनकी शिक्षा सुधार संस्था ‘XQ’ का लक्ष्य अमेरिकी हाई स्कूल शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाना है। हालांकि, हालिया ‘इनसाइड फिलैंथ्रोपी’ (Inside Philanthropy) की एक रिपोर्ट ने इस संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों ने इसे टीवी शो ‘वीप’ (Veep) की तरह, लेकिन कहीं अधिक ‘क्रूर’ बताया है।

क्या है XQ और इसका विजन?

XQ इंस्टीट्यूट की स्थापना स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य हाई स्कूलों को आधुनिक और समावेशी बनाना है ताकि छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। कई वर्षों तक इसे शिक्षा क्षेत्र में एक बड़े सुधारक के रूप में देखा गया, लेकिन हाल ही में अंदरूनी सूत्रों ने कुछ अलग ही तस्वीर पेश की है।

‘वीप, लेकिन और भी क्रूर’ – कर्मचारियों के आरोप

रिपोर्ट के अनुसार, XQ में काम करने वाले कई पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों ने संस्था के अंदर व्याप्त ‘विषाक्त’ (toxic) संस्कृति के बारे में बताया है। उनका कहना है कि यहाँ का माहौल बहुत ही अनिश्चित है, जहां रणनीतियां बार-बार बदलती रहती हैं और नेतृत्व की ओर से स्पष्टता की भारी कमी है।

कर्मचारियों का दावा है कि संस्था में काम करने का दबाव अत्यधिक है और इसे ‘वीप’ (एक प्रसिद्ध राजनीतिक कॉमेडी शो जो अपनी अराजकता के लिए जाना जाता है) की तुलना में कहीं अधिक कठिन बताया गया है। एक कर्मचारी ने कहा, “यहाँ सब कुछ सतही है। लक्ष्य बड़े हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।”

नेतृत्व और जवाबदेही पर सवाल

XQ पर यह आरोप भी लग रहे हैं कि यहाँ निर्णयों में पारदर्शिता का अभाव है। लॉरेन पॉवेल जॉब्स की भारी फंडिंग के बावजूद, संस्था के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का तर्क है कि बहुत सारा पैसा मार्केटिंग और बड़े कार्यक्रमों पर खर्च किया जाता है, जबकि इसका प्रभाव उन स्कूलों तक कम पहुंचता है जहां इसकी वास्तव में जरूरत है।

भविष्य पर क्या असर पड़ेगा?

इन आरोपों ने न केवल XQ की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि परोपकारी संस्थाओं (nonprofits) के काम करने के तरीके पर भी बहस छेड़ दी है। क्या भारी फंडिंग किसी संस्था की सफलता की गारंटी है? अगर संस्था के भीतर की संस्कृति ही स्थिर नहीं है, तो वे बाहरी बदलाव कैसे ला सकते हैं?

फिलहाल, XQ की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस रिपोर्ट ने यह जरूर साफ कर दिया है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए केवल पैसा ही काफी नहीं है, बल्कि नेतृत्व और कार्य संस्कृति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

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