लुइस डे ला फुएंते का बड़ा बयान: ‘मेरे पास छठी इंद्रिय है, लामिन यमल एक जीनियस हैं’
स्पेनिश फुटबॉल टीम के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अपनी टीम और युवा स्टार लामिन यमल को लेकर कई चौंकाने वाले और दिलचस्प खुलासे किए हैं। गोल (Goal.com) के साथ बातचीत में उन्होंने यमल की प्रतिभा को ‘जीनियस’ करार दिया और साथ ही 2030 वर्ल्ड कप को लेकर अपनी वर्तमान सोच को भी स्पष्ट किया है।
लामिन यमल: एक फुटबॉल जीनियस
यूरो 2024 के दौरान दुनिया ने लामिन यमल का जादू देखा है। डे ला फुएंते का मानना है कि यमल जैसे खिलाड़ी बहुत कम होते हैं। कोच ने कहा, “मेरे पास एक तरह की छठी इंद्रिय (Sixth Sense) है, जिससे मैं खिलाड़ियों की क्षमता को भांप लेता हूं। लामिन यमल कोई साधारण खिलाड़ी नहीं हैं, वह एक जीनियस हैं। उनकी खेल की समझ और मैदान पर शांति उन्हें बाकी युवाओं से बिल्कुल अलग बनाती है।”
यमल ने बहुत कम उम्र में स्पेनिश टीम और बार्सिलोना के लिए जो प्रभाव छोड़ा है, वह काबिले तारीफ है। कोच का मानना है कि उनकी जिम्मेदारी यमल को सही दिशा में आगे बढ़ाना और उनके खेल को निखारना है।
‘मैं अभी 2030 वर्ल्ड कप के बारे में नहीं सोच रहा’
जब डे ला फुएंते से 2030 के फीफा वर्ल्ड कप के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही व्यावहारिक जवाब दिया। उन्होंने कहा, “फुटबॉल में बहुत आगे की सोचना कई बार गलत होता है। मेरा पूरा ध्यान वर्तमान पर है। मेरा लक्ष्य केवल अगले मैच और आने वाले टूर्नामेंट्स पर होता है। 2030 वर्ल्ड कप अभी बहुत दूर है, इसलिए मैं अभी भविष्य की इतनी लंबी योजनाएं नहीं बना रहा हूं। अभी मेरा फोकस हमारी टीम के निरंतर सुधार पर है।”
स्पेनिश टीम का भविष्य
डे ला फुएंते के नेतृत्व में स्पेनिश टीम एक नए दौर से गुजर रही है। अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं का मेल इस टीम की सबसे बड़ी ताकत बन गया है। कोच का यह आत्मविश्वास कि वे भविष्य के बजाय ‘आज’ पर काम कर रहे हैं, स्पेन के लिए एक सफल रणनीति साबित हो रही है।
फुटबॉल प्रशंसक अब यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि क्या डे ला फुएंते की यह ‘छठी इंद्रिय’ स्पेन को आने वाले वर्षों में और भी बड़े खिताब दिला पाएगी।
