29 जुलाई के लिए निफ्टी50 का मार्केट एनालिसिस
भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। निवेशकों की निगाहें अब 29 जुलाई के ट्रेडिंग सत्र पर टिकी हैं। हालिया गिरावट के बाद, बाजार के जानकारों और अपस्टॉक्स (Upstox) के विश्लेषण के अनुसार, सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या निफ्टी50 (NIFTY50) फिर से 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर पाएगा?
बाजार का वर्तमान परिदृश्य
पिछले कुछ सत्रों में निफ्टी50 ने दबाव दिखाया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और वैश्विक संकेतों के चलते इंडेक्स में मुनाफावसूली देखी गई है। हालांकि, तकनीकी चार्ट पर कुछ संकेत उम्मीद जगा रहे हैं। यदि निफ्टी 23,800 के स्तर को बनाए रखता है, तो बुधवार को रिकवरी की संभावनाएं प्रबल हो सकती हैं।
महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
ट्रेडर्स को बुधवार के सत्र के लिए निम्नलिखित स्तरों पर ध्यान देना चाहिए:
- सपोर्ट (Support): निफ्टी के लिए 23,750 और 23,600 मजबूत सपोर्ट का काम करेंगे। अगर इंडेक्स इन स्तरों से नीचे जाता है, तो गिरावट बढ़ सकती है।
- रेजिस्टेंस (Resistance): 24,000 का स्तर एक बड़ी बाधा बना हुआ है। इसके ऊपर टिकने पर ही हम 24,150 – 24,200 के लक्ष्यों की ओर देख सकते हैं।
क्या 24,000 का स्तर फिर से हासिल होगा?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी50 की दिशा मुख्य रूप से प्रमुख आईटी और बैंकिंग स्टॉक्स पर निर्भर करेगी। यदि रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे इंडेक्स हेवीवेट्स में खरीदारी लौटती है, तो 24,000 का स्तर पार करना मुश्किल नहीं होगा। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है क्योंकि ‘वोलैटिलिटी इंडेक्स’ (VIX) में थोड़ी वृद्धि देखी जा रही है।
निवेशकों के लिए रणनीति
1. स्टॉप-लॉस का पालन करें: बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए, अपने ट्रेड में हमेशा स्टॉप-लॉस का उपयोग करें।
2. क्वालिटी स्टॉक्स पर फोकस: गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में खरीदारी का अवसर तलाशा जा सकता है।
3. ग्लोबल संकेतों पर नजर: अमेरिकी बाजार के रुझान और एशियाई बाजारों की स्थिति का असर बुधवार की ओपनिंग पर पड़ेगा।
निष्कर्षतः, बाजार फिलहाल ‘बाय ऑन डिप्स’ (Buy on Dips) की स्थिति में है, लेकिन 24,000 के पार निर्णायक क्लोजिंग मिलने तक सावधानी बरतनी चाहिए।
