संसद के मानसून सत्र में लगातार दूसरे दिन हंगामे के आसार
संसद के मानसून सत्र का छठा दिन काफी हंगामेदार रहा। नीट (NEET) पेपर लीक और देश में परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी कोशिश की। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सदस्यों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा।
क्या है मुख्य विवाद?
विपक्ष, विशेष रूप से इंडिया ब्लॉक के सदस्य, नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली को लेकर चर्चा की मांग कर रहे थे। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सदन में चर्चा करने से बच रही है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर है, इसलिए इस पर विस्तृत चर्चा और जवाबदेही तय होनी चाहिए।
लोकसभा और राज्यसभा की स्थिति
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान ही विपक्ष के सांसदों ने ‘नीट पर चर्चा करो’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। अध्यक्ष ने सदस्यों को अपनी सीटों पर जाने और कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया, लेकिन विपक्ष अपने रुख पर अड़ा रहा। स्थिति को अनियंत्रित होते देख स्पीकर ने सदन को स्थगित कर दिया। वहीं, राज्यसभा का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा, जहां सभापति के बार-बार टोकने के बावजूद शोर-शराबा नहीं रुका और सदन को स्थगित कर दिया गया।
सरकार का पक्ष
सत्ता पक्ष की ओर से कहा गया है कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल सदन की कार्यवाही को बाधित करना चाहता है। केंद्रीय मंत्रियों का कहना है कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वे केवल संसद का समय बर्बाद कर रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक के मामलों पर जांच जारी है और जो भी दोषी होगा, उसे सख्त सजा दी जाएगी।
संसद की कार्यवाही पर असर
संसद का मानसून सत्र इस बार काफी छोटा है और कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा होनी है। लगातार हंगामे के कारण जनता से जुड़े और विधायी कार्यों पर असर पड़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि गतिरोध जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना चर्चा के ही पारित करना पड़ सकता है।
