पंजाब के उद्योग मंत्री जीएसटी घोटाले में फंसे, कोर्ट ने दी 7 दिन की ईडी रिमांड
पंजाब की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब राज्य के उद्योग मंत्री को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 100 करोड़ रुपये से अधिक के जीएसटी (GST) धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय अदालत ने मंत्री को सात दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया है, जिससे राज्य सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी चुनौती खड़ी हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करने से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ फर्जी कंपनियों के जरिए बड़ी मात्रा में जीएसटी की चोरी की गई, जिसमें कथित तौर पर मंत्री की संलिप्तता पाई गई है। ईडी पिछले कई महीनों से इस मामले की जांच कर रही थी और पुख्ता सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
ईडी की जांच और आरोप
प्रवर्तन निदेशालय का दावा है कि इस पूरे घोटाले की कुल राशि 100 करोड़ रुपये से अधिक है। ईडी के अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें मंत्री से पूछताछ करने और घोटाले की मनी ट्रेल (पैसे का लेन-देन) का पता लगाने के लिए हिरासत की आवश्यकता है। केंद्रीय एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस धन का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों या राजनीति में किया गया था।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने इस गिरफ्तारी के बाद पंजाब सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि यह ‘राजनीतिक बदले’ की कार्रवाई है और इसका मकसद आगामी चुनावों के मद्देनजर सरकार की छवि को धूमिल करना है। हालांकि, केंद्रीय एजेंसियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी सबूतों के आधार पर की गई है।
आगे क्या होगा?
अगले सात दिनों तक ईडी मंत्री से गहन पूछताछ करेगी। इसमें कंपनी के दस्तावेजों, बैंक खातों और संदिग्ध लेन-देन के बारे में सवाल पूछे जाएंगे। इस मामले में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी की भी संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मंत्री के खिलाफ आरोप साबित होते हैं, तो यह पंजाब की राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
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