दिल्ली में दिखावा, पंजाब में बदहाली: पेपर लीक पर गरमाई राजनीति
पंजाब में लगातार हो रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ सांसद ने आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे ‘दोहरा मापदंड’ करार दिया है। सांसद का कहना है कि जहां दिल्ली में ‘आप’ नेता शिक्षा के मॉडल का ढोंग करते हैं, वहीं पंजाब में युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले कुछ महीनों में पंजाब में कई सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित परीक्षाएं पेपर लीक होने के कारण रद्द करनी पड़ी हैं। अकाली दल के नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह विफल रही है। सांसद ने कहा कि दिल्ली में बैठकर ‘मगरमच्छ के आँसू’ बहाने वाले AAP नेतृत्व को यह बताना चाहिए कि पंजाब के युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है।
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़
विपक्ष का कहना है कि हजारों उम्मीदवार कड़ी मेहनत के बाद इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए SAD सांसद ने मांग की है कि पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘पंजाब सरकार केवल वादे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर शून्य कार्रवाई हो रही है।’
सरकार की सफाई और विपक्ष का पलटवार
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी का कहना है कि वे इस मामले में जांच कर रहे हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, विपक्ष इस दलील से संतुष्ट नहीं है। अकाली दल का आरोप है कि इस पूरे रैकेट के तार सत्ताधारी पार्टी के करीबियों से जुड़े हो सकते हैं, इसीलिए निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है।
निष्कर्ष
पंजाब में पेपर लीक का मुद्दा अब एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन चुका है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है। फिलहाल, राज्य का युवा वर्ग सरकार से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।
