NEET विवाद पर संजय मांजरेकर ने खोला मोर्चा
हाल के दिनों में NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा को लेकर देश भर में जारी विवाद ने तूल पकड़ लिया है। पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बीच छात्रों का गुस्सा चरम पर है। इस बीच, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने भी इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और सोशल मीडिया पर एक तीखी प्रतिक्रिया दी है।
क्या कहा संजय मांजरेकर ने?
संजय मांजरेकर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर छात्रों के विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए इसे ‘दमन के खिलाफ विद्रोह’ करार दिया है। उन्होंने मौजूदा शिक्षा प्रणाली और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। मांजरेकर का मानना है कि लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और ऐसे में किसी भी तरह की अनियमिता को नजरअंदाज करना गंभीर अपराध है।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि, “छात्रों का यह आक्रोश केवल एक परीक्षा के बारे में नहीं है, बल्कि यह उस सिस्टम के खिलाफ है जो उनकी मेहनत और सपनों के साथ खिलवाड़ कर रहा है। एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर हमें उनके साथ खड़ा होना चाहिए।”
छात्रों के गुस्से का कारण
NEET परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के बाद देश भर के विभिन्न शहरों में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- परीक्षा को दोबारा आयोजित किया जाए।
- धांधली की निष्पक्ष जांच हो।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू हों।
खेल जगत की हस्तियों का समर्थन
संजय मांजरेकर जैसे सार्वजनिक हस्तियों का इस संवेदनशील विषय पर बोलना यह दर्शाता है कि NEET का मुद्दा अब केवल छात्रों या अभिभावकों तक सीमित नहीं रह गया है। यह एक राष्ट्रीय विमर्श बन चुका है। मांजरेकर ने अपनी पोस्ट के जरिए यह संदेश दिया है कि किसी भी स्तर पर छात्रों के अधिकारों का हनन स्वीकार्य नहीं है।
निष्कर्ष
संजय मांजरेकर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर भारी दबाव है। छात्रों की मांग है कि उन्हें न्याय मिले। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या ठोस कदम उठाता है। शिक्षा के क्षेत्र में शुचिता बनाए रखना देश के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
