इटली में पास्ता खाने के बावजूद लोग फिट कैसे रहते हैं?
अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि पास्ता या कार्ब्स खाने से वजन बढ़ता है और पेट फूलने (bloating) की समस्या होती है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि इटली में लोग नियमित रूप से पास्ता का सेवन करते हैं, फिर भी वे दुनिया के सबसे फिट लोगों में से एक हैं? हाल ही में प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. जोसेफ सल्हब ने इस रहस्य से पर्दा उठाया है।
पास्ता बनाने का ‘इटैलियन तरीका’ है खास
डॉ. सल्हब के अनुसार, इटली में पास्ता बनाने और परोसने का तरीका अमेरिका या अन्य देशों से बिल्कुल अलग है। यहाँ मुख्य अंतर ‘क्वालिटी’ और ‘प्रोसेसिंग’ का है। इटली में पास्ता आमतौर पर ‘ड्यूरम व्हीट’ (Durum wheat) से बनाया जाता है, जिसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है और यह अधिक फाइबर प्रदान करता है।
‘अल डेंटे’ (Al Dente) का महत्व
इटली में पास्ता को ‘अल डेंटे’ पकाया जाता है, जिसका अर्थ है इसे बहुत अधिक नहीं गलाया जाता। जब पास्ता को कम पकाया जाता है, तो इसका ‘ग्लाइसेमिक इंडेक्स’ (Glycemic Index) कम रहता है। इसका मतलब है कि यह रक्त शर्करा (blood sugar) में अचानक वृद्धि नहीं करता और शरीर में इंसुलिन का स्तर संतुलित रहता है, जिससे फैट जमा होने की संभावना कम हो जाती है।
मात्रा और सामग्री का संतुलन
डॉ. सल्हब ने बताया कि इटली में पास्ता को मुख्य भोजन के रूप में नहीं, बल्कि भोजन के एक हिस्से के रूप में खाया जाता है। इसके साथ ताजा सब्जियां, जैतून का तेल (Olive oil), और लीन प्रोटीन का इस्तेमाल होता है। साथ ही, वहाँ के पास्ता में प्रिजर्वेटिव्स और आर्टिफिशियल प्रोसेसिंग नहीं होती, जो अक्सर ब्लोटिंग का कारण बनती है।
क्या हमें पास्ता खाना छोड़ देना चाहिए?
विशेषज्ञ का मानना है कि समस्या पास्ता नहीं, बल्कि हम उसे कैसे और कितनी मात्रा में खा रहे हैं, यह है। यदि आप घर पर उच्च गुणवत्ता वाले पास्ता का उपयोग करें, उसे ज्यादा न उबालें (अल डेंटे), और साथ में बहुत सारी सब्जियां शामिल करें, तो आप भी बिना ब्लोटिंग के इसका आनंद ले सकते हैं।
निष्कर्ष
इटालियन लाइफस्टाइल और डाइट में संयम सबसे महत्वपूर्ण है। डॉ. सल्हब का यह विश्लेषण हमें सिखाता है कि सही खाद्य पदार्थों का चुनाव और पकाने का सही तरीका ही स्वस्थ रहने की कुंजी है।
