कनाडा में ड्रग्स तस्करी का बड़ा खुलासा: 13 भारतीयों पर शिकंजा
कनाडा की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 13 भारतीय मूल के नागरिक हैं। पुलिस ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 850 करोड़ रुपये (160 मिलियन कनाडाई डॉलर) आंकी गई है।
क्या है पूरा मामला?
कनाडा की ‘पील रीजनल पुलिस’ ने ‘प्रोजेक्ट कर्टिस’ (Project Curtis) के तहत यह बड़ी कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि यह ड्रग्स का एक बहुत बड़ा नेटवर्क था जो कनाडा में फैल रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 973 किलोग्राम कोकीन और 660 किलोग्राम मेथमफेटामाइन बरामद की है। यह कनाडा के इतिहास में पकड़ी गई सबसे बड़ी खेप में से एक मानी जा रही है।
गिरफ्तार लोगों में भारतीय शामिल
इस मामले में गिरफ्तार किए गए 19 लोगों में से 13 भारतीय मूल के हैं, जो मुख्य रूप से ओंटारियो के रहने वाले हैं। इन सभी पर ड्रग्स की तस्करी, अवैध कब्जे और संगठित अपराध में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क मेक्सिको से नशीले पदार्थ मंगवाता था और उन्हें पूरे कनाडा और अन्य देशों में सप्लाई करने की योजना बना रहा था।
सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी
पील पुलिस के अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह ऑपरेशन कई महीनों की निगरानी के बाद सफल हुआ। पुलिस ने न केवल ड्रग्स पकड़े, बल्कि इनके पास से बड़ी संख्या में हथियार और नकद राशि भी बरामद की है। इस कार्रवाई ने कनाडा में बढ़ रहे संगठित अपराध और ड्रग कार्टेल की कमर तोड़ दी है।
भारत पर क्या होगा असर?
इस घटना ने भारत में भी चिंता बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। यह देखा जा रहा है कि क्या ये लोग भारत से जुड़े किसी बड़े ड्रग रैकेट का हिस्सा थे या नहीं। विदेशी जमीन पर भारतीयों का ड्रग्स के मामले में नाम आना देश की छवि के लिए एक बड़ा झटका है।
