पंजाब सरकार का बड़ा दावा: पिछले 4.5 वर्षों में नहीं हुआ कोई पेपर लीक
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की शिक्षा और भर्ती प्रणाली को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सीएम मान ने गर्व के साथ कहा है कि उनकी आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के पिछले साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में पंजाब में एक भी सरकारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। यह बयान राज्य में पारदर्शिता और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार के प्रयासों को दर्शाता है।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर जोर
सीएम भगवंत मान ने राज्य के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बिना किसी भेदभाव और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान अक्सर पेपर लीक होने की खबरें आती थीं, जिससे योग्य उम्मीदवारों का मनोबल गिरता था। लेकिन ‘आप’ सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया है।
भर्तियों में तेजी और ईमानदारी
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी सरकार अब तक हजारों युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नियुक्तियां दे चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती परीक्षाओं में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा, ‘हमने युवाओं का भरोसा जीता है। साढ़े चार साल का समय बीत चुका है और एक भी पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई है, जो हमारे प्रशासन की सफलता का प्रमाण है।’
विपक्ष पर निशाना
भगवंत मान ने इस मौके पर विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में नियुक्तियां सिफारिशों और धांधली के बिना नहीं होती थीं। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को अब केवल मेहनत और पढ़ाई पर ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि परिणाम अब केवल मेरिट के आधार पर ही घोषित किए जा रहे हैं।
भविष्य की राह
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इसी तरह की पारदर्शिता आगे भी जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी सरकारी भर्तियों के लिए सुरक्षित और फुल-प्रूफ सिस्टम का पालन किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य पंजाब को शिक्षा और रोजगार के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।
