NEET विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट में NIA जांच की मांग
हाल ही में संपन्न हुई NEET (UG) परीक्षा को लेकर मचे बवाल के बीच, अब एक नया कानूनी मोड़ सामने आया है। दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें मांग की गई है कि NEET परीक्षा के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा जांच कराई जाए। याचिकाकर्ता ने इन प्रदर्शनों के पीछे ‘विदेशी फंडिंग’ का गंभीर आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी में दावा किया है कि नीट (NEET) के विरोध में जो प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं, वे केवल छात्रों का आंदोलन नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश हो सकती है। याचिका में ‘सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस’ (CJP) जैसे संगठनों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं और आरोप लगाया गया है कि इन विरोध प्रदर्शनों को कथित तौर पर विदेशी स्रोतों से आर्थिक मदद मिल रही है, ताकि देश की शैक्षणिक व्यवस्था को अस्थिर किया जा सके।
याचिकाकर्ता के मुख्य तर्क
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर इस याचिका में निम्नलिखित बिंदु प्रमुख हैं:
- विदेशी फंडिंग का संदेह: याचिकाकर्ता का तर्क है कि विरोध प्रदर्शनों में जिस तरह की संगठनात्मक सक्रियता देखी जा रही है, वह बिना किसी बाहरी फंडिंग के संभव नहीं है।
- NIA जांच की मांग: याचिका में कहा गया है कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और शैक्षणिक अखंडता से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच NIA जैसे केंद्रीय एजेंसी से होनी चाहिए।
- अराजकता फैलाने का आरोप: याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि NEET विरोध प्रदर्शन के नाम पर छात्रों को गुमराह किया जा रहा है और देश में अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
अदालत की प्रतिक्रिया
फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि याचिकाकर्ता अपने दावों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करता है, तो अदालत जांच के आदेश दे सकती है।
निष्कर्ष
NEET परीक्षा में धांधली के आरोपों के बाद से ही छात्र समुदाय आक्रोशित है। ऐसे में इस तरह की याचिका का दायर होना मामले को और अधिक संवेदनशील बनाता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अदालत इसे केवल एक कानूनी प्रक्रिया मानती है या फिर इसे वास्तव में जांच के दायरे में लाने का आदेश देती है। देश भर की नजरें अब इस मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
