30/07/2026

पंजाब में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया: मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा बयान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा दावा किया है। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उनके 4.5 साल के कार्यकाल के दौरान पंजाब में एक भी सरकारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री का यह बयान उन राज्यों के लिए एक उदाहरण है जहां अक्सर पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया पर जोर

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बिना किसी भेदभाव और भ्रष्टाचार के नौकरियां प्रदान करना है। उन्होंने कहा, ‘हमने राज्य में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाया है। मेरिट के आधार पर ही युवाओं का चयन किया जा रहा है, जिससे युवाओं का भरोसा सरकारी सिस्टम पर बढ़ा है।’

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों में पेपर लीक होना एक आम बात थी, लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने इस पर पूरी तरह से नकेल कसी है।

युवाओं के भविष्य के लिए प्रतिबद्ध सरकार

पंजाब सरकार का कहना है कि राज्य के युवाओं को रोजगार देने के लिए उन्होंने नई नीतियां लागू की हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल नौकरियां देना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि योग्य उम्मीदवारों को ही उनका हक मिले। पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने सख्त निगरानी और तकनीकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसका परिणाम आज देखने को मिल रहा है।

पारदर्शिता ही हमारी पहचान

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसी भी परीक्षा का पेपर लीक होना न केवल सरकारी तंत्र की विफलता है, बल्कि यह उन लाखों छात्रों के सपनों का गला घोंटने जैसा है जो दिन-रात मेहनत करते हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी पंजाब सरकार इसी तरह पूरी सतर्कता के साथ परीक्षाएं आयोजित करेगी ताकि राज्य का कोई भी छात्र इससे प्रभावित न हो।

राज्य के शिक्षा और रोजगार विभाग ने भी मुख्यमंत्री के इन दावों का समर्थन करते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाओं में सुधार के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *