राहुल गांधी का धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कार्यक्षमता पर सवाल उठाते हुए उन्हें इस पद के लिए ‘अयोग्य’ करार दिया है।
क्या है पूरा मामला?
राहुल गांधी ने संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली और नीट परीक्षा को लेकर जो विवाद चल रहा है, उसके लिए शिक्षा मंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री के रूप में पूरी तरह विफल रहे हैं और वह इस पद के योग्य नहीं हैं।’
संसद में नीट का मुद्दा
नीट परीक्षा के पेपर लीक और धांधली के आरोपों ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। लाखों छात्र भविष्य को लेकर चिंतित हैं। राहुल गांधी ने इस मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर प्रमुखता से उठाया है। उनका मानना है कि सरकार इस मुद्दे की गंभीरता को कम करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, अपने हालिया बयानों में राहुल गांधी ने सीजेपी (CJP) का कोई उल्लेख नहीं किया है, जिससे यह साफ है कि उनका मुख्य फोकस सीधे तौर पर परीक्षा प्रक्रिया और मंत्रालय की विफलता पर है।
विपक्ष का सरकार पर दबाव
राहुल गांधी के इस हमले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। इंडिया ब्लॉक (I.N.D.I.A.) के अन्य नेताओं ने भी मांग की है कि नीट विवाद की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और इस मामले को अंतिम छोर तक ले जाएगी।
धर्मेंद्र प्रधान की प्रतिक्रिया
वहीं, दूसरी ओर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए शिक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
यह घटनाक्रम दिखाता है कि आने वाले समय में संसद में शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ेगा। छात्रों की निगाहें अब सुप्रीम कोर्ट और सरकार द्वारा लिए जाने वाले फैसलों पर टिकी हैं।
